रुद्रपुर (देवरिया)। नगर में छुट्टा पशुओं की बढ़ती संख्या आम लोगों, अधिवक्ताओं और राहगीरों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। सब्जी मंडी, तहसील परिसर, बस स्टेशन सहित प्रमुख बाजारों में दिन-रात छुट्टा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। इससे आवागमन बाधित होने के साथ ही दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
नगर के प्रमुख चौराहों और बाजारों में छुट्टा पशु सड़कों पर बैठे और घूमते आसानी से देखे जा सकते हैं। कई बार अचानक सड़क पर आने से दोपहिया वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं, जबकि पैदल राहगीरों को भी बचकर निकलना पड़ता है। अब स्थिति यह हो गई है कि तहसील परिसर में भी छुट्टा पशुओं ने डेरा जमा लिया है, जिससे वादकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी छुट्टा सांड के हमले में एक व्यक्ति की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। लोगों का आरोप है कि शासन की ओर से नगर पंचायत एवं ग्रामीण क्षेत्रों में छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए काऊ कैचर वाहन उपलब्ध कराया गया है तथा कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है, लेकिन नियमित अभियान नहीं चलाया जाता। केवल शिकायत या समाचार प्रकाशित होने के बाद खानापूर्ति के लिए कार्रवाई की जाती है।
अधिवक्ता कृष्णमूर्ति त्रिपाठी ने कहा कि पहले छुट्टा पशु केवल बाजारों तक सीमित थे, लेकिन अब उन्होंने तहसील परिसर को भी अपना ठिकाना बना लिया है। इससे अधिवक्ताओं, फरियादियों और आम नागरिकों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। उन्होंने नगर पंचायत से नियमित अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को पकड़ने तथा उन्हें सुरक्षित गोशालाओं में भेजने की मांग की है।
नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता। लोगों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

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