द्वितीय सोमवार को दुग्धेश्वर नाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, एसपी ने परखी सुरक्षा व्यवस्था

रुद्रपुर (देवरिया)। सावन माह के द्वितीय सोमवार को छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध रुद्रपुर स्थित पौराणिक दुग्धेश्वर नाथ मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर से ही मंदिर परिसर में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की कतार लग गई। मंदिर के कपाट खुलते ही हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा देवालय परिसर गूंज उठा। हजारों कांवड़ियों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की।
सावन के दूसरे सोमवार को कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए रात से ही मंदिर में विशेष तैयारियां की गई थीं। श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन और जलाभिषेक के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। देर शाम तक मंदिर में कांवड़ियों के पहुंचने और जलाभिषेक का सिलसिला चलता रहा।
पौराणिक है दुग्धेश्वर नाथ मंदिर का महत्व
रुद्रपुर का दुग्धेश्वर नाथ मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। सावन में यहां दूर-दराज से श्रद्धालु और कांवड़िये पहुंचते हैं। मान्यता है कि भगवान शिव के इस प्राचीन धाम में सावन के सोमवार को जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते सावन में मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इसी धार्मिक महत्ता के कारण रुद्रपुर को ‘छोटी काशी’ के नाम से भी जाना जाता है।
एसपी ने लिया सुरक्षा ब्यवस्था का जायजा
त्योहार के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने दुग्धेश्वर नाथ मंदिर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भीड़, प्रवेश-निकास व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, बैरिकेडिंग, पार्किंग तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की स्थिति का निरीक्षण किया।
एसपी ने ड्यूटी में लगे पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के साथ शालीन और विनम्र व्यवहार करने के साथ ही पूरी सतर्कता से ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नगर पंचायत ने संभाली सफाई और खोया-पाया व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर पंचायत की ओर से खोया-पाया केंद्र बनाया गया था। इसके साथ ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। पुलिस और प्रशासनिक टीम लगातार भीड़ की निगरानी करती रही, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन और जलाभिषेक में किसी तरह की परेशानी न हो।


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