रुद्रपुर, देवरिया। गर्मी की दस्तक के साथ ही रुद्रपुर नगर की बिजली व्यवस्था ने अपने पुराने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रात होते ही बिजली की आंख-मिचौली शुरू हो जाती है और उपभोक्ताओं की रातें जागते हुए कट रही हैं। हालात ऐसे हैं कि नगर के विभिन्न फीडरों पर आए दिन तार टूट रहे हैं, जिससे रात भर मरम्मत और बाधित आपूर्ति का सिलसिला चलता रहता है।
बिजली कटौती और फाल्ट से परेशान उपभोक्ताओं का आरोप है कि जहां एक ओर लाइनमैन रात भर दौड़-भाग कर व्यवस्था संभालने में जुटे रहते हैं, वहीं जिम्मेदार अधिकारी मोबाइल बंद कर चैन की नींद सो जाते हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि संकट के समय विभागीय अधिकारियों के सीयूजी नंबर तक बंद मिलते हैं, जिससे शिकायत और समस्या का समाधान दोनों अधर में लटक जाते हैं।
स्थिति यह है कि नगर पंचायत के उधार के हाइड्रा के सहारे विद्युत विभाग काम चला रहा है। विभाग के पास खुद की एक निजी सीढ़ी तक नहीं होने की चर्चा भी लोगों में है। ऐसे में फाल्ट आने पर मरम्मत कार्य और अधिक प्रभावित होता है। .
बिजली विभाग पर डीएम का आदेश वेबसर नहीं उठाते हैं जिम्मेदार सीयूजी नंबर
स्थानीय लोगों का कहना है कि रुद्रपुर नगर में एसडीएम, तहसीलदार, क्षेत्राधिकारी और नायब तहसीलदार तक रात्रि निवास करते हैं, लेकिन विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारी रात में मौजूद नहीं रहते। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि विद्युत विभाग के अधिकारी रात्रि निवास सुनिश्चित करें और अपने सीयूजी नंबर हर समय चालू रखें ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
जर्जर तार के भरोसे चल रहा है विद्युत विभाग का काम
वहीं लोगों ने रिवैंप योजना पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि योजना के तहत नगर के जर्जर तार और पोल बदलकर केबल लाइन बिछाई जानी थी, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते घनी आबादी वाले इलाकों में अब भी पुराने तार और पोल लगे हुए हैं। नतीजा यह है कि गर्मी बढ़ते ही परेशानी का झटका सीधे उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है।


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