बाढ़ सुरक्षा अभियान के तहत बचाव एवं राहत कार्यों का किया गया अभ्यास, पीएसी जल पुलिस ने दिखाया रेस्क्यू कौशल
रुद्रपुर, देवरिया। मानसून के दौरान संभावित बाढ़ एवं आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को रुद्रपुर तहसील क्षेत्र के पिड़रा स्थित गोर्रा नदी पर राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस अभ्यास में विभिन्न विभागों की टीमों ने बाढ़ जैसी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया।
प्रदेश सरकार द्वारा बाढ़ सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आयोजित मॉक ड्रिल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। उपजिलाधिकारी अवधेश कुमार निगम के नेतृत्व में खोज एवं बचाव अभियान संचालित किया गया, जिसमें नदी में डूब रहे लोगों को पीएसी की जल पुलिस टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायलों को प्राथमिक उपचार प्रदान किया।
मॉक ड्रिल के दौरान इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) के तहत गठित इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम (आईआरटी) ने आपदा के समय विभागों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (डीईओसी) में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) रामशंकर ने इंसिडेंट कमांडर के रूप में जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के डॉ. विपिन रंजन तथा सिंचाई विभाग (बाढ़ खंड) के सहायक अभियंता अरविंद कुमार डीईओसी में मौजूद रहे। आपदा विशेषज्ञ पंकज कुमार ने विभिन्न विभागों एवं तहसीलों के बीच समन्वय स्थापित कर मॉक ड्रिल को सफल बनाया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में आपदा लिपिक रंजन पांडेय, शिखा कुशवाहा, पंकज कुमार पांडेय सहित पीएसी, अग्निशमन, स्वास्थ्य, पुलिस, वायरलेस एवं सिंचाई (बाढ़ खंड) विभाग की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा बाढ़ सुरक्षा को लेकर तटबंधों की निगरानी, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, राहत शिविरों की तैयारी तथा आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने के लिए लगातार मॉक ड्रिल एवं जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि आपदा की स्थिति में जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।






























