रुद्रपुर (देवरिया)। देवरिया–रामलक्षन मार्ग पर खोरा राम स्थित बांकीपुल का अधूरा पड़ा चौड़ीकरण कार्य अब क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। लगातार बारिश के चलते पुल का एप्रोच मार्ग जलमग्न हो गया है, जिससे आवागमन लगभग ठप हो गया है। लोगों को जान जोखिम में डालकर पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर पहले भी खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह उर्फ खोखा सिंह स्थानीय ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को भी स्थल पर बुलाकर हालात का जायजा लिया।
PWD ने दिया भरोसा, एप्रोच मार्ग व ह्यूम पाइप लगाकर जल्द होगी वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था
पूर्व विधायक ने PWD के अधिशासी अभियंता अनिल जाटव तथा संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) को जलमग्न मार्ग का निरीक्षण कराया। हालात की गंभीरता दिखाने के लिए वह अधिकारियों के साथ स्वयं गहरे पानी में उतरे और अधूरे पुल व डूबे एप्रोच मार्ग की वास्तविक स्थिति दिखाई। यह दृश्य स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
बरसात में राहगीरो के लिए अधूरा पुल बना मुसीबत में जान जोखिम में डालक रपानी में उतरकर कर रहे है रास्ता पार
खोखा सिंह ने कहा कि बांकीपुल का चौड़ीकरण कार्य करीब तीन महीने से अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य में लगातार देरी के कारण हजारों लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। बरसात में सड़क पूरी तरह पानी में डूब जाती है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से निर्माण कार्य में तेजी लाने और तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी अधिकारियों के सामने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद निर्माण कार्य की रफ्तार नहीं बढ़ी। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है।
मौके पर मीडिया से बातचीत में पूर्व विधायक खोखा सिंह ने बताया कि PWD के अधिशासी अभियंता ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही एप्रोच मार्ग तैयार कर ह्यूम पाइप लगाकर अस्थायी आवागमन की व्यवस्था कराई जाएगी, जिससे लोगों को राहत मिल सकेगी। साथ ही चौड़ीकरण कार्य को भी तेजी से पूरा कराने का भरोसा दिया गया है।
गौरतलब है कि इस गंभीर समस्या को पहले भी प्रमुखता से उठाया गया था। लगातार बारिश के बीच हालात और बिगड़ने के बाद अब जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण से क्षेत्रवासियों को उम्मीद जगी है कि लंबे समय से अधूरा पड़ा बांकीपुल जल्द पूरा होगा और आवागमन सामान्य हो सकेगा।




































