रुद्रपुर देवरिया। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था की हकीकत परखने के लिए शुक्रवार सुबह बारिश के बीच जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी अचानक भाटपाररानी पहुंच गए। सबसे पहले उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जहां बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी और संविदा कर्मचारी गायब मिले। यह देख डीएम का पारा चढ़ गया और उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। साथ ही तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
ड्यूटी से गायब कर्मचारियों का तीन दिन के अन्दर स्पष्टीकरण तलब करने के दिया निर्देश
सुबह करीब 8 बजे पहुंचे जिलाधिकारी ने अस्पताल की उपस्थिति पंजिका, दवा वितरण रजिस्टर, ओपीडी, वार्ड और अन्य अभिलेखों की गहन जांच की। उन्होंने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था भी देखी और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आरबीएसके टीम भी मौके से नदारद मिली, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगली बार लापरवाही मिली तो सख्त कार्रवाई तय मानी जाए।
इसी दौरान प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची एक गर्भवती महिला के एमसीपी कार्ड की जांच में बड़ी लापरवाही सामने आई। आशा कार्यकर्ता द्वारा प्रस्तुत मदर-चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड अधूरा मिला। डीएम ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि या तो आशा कार्यकर्ताओं को सही प्रशिक्षण नहीं दिया गया है या उनकी नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो रही है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि संबंधित कर्मियों की जवाबदेही तय की जाए और अनुश्रवण व्यवस्था मजबूत बनाई जाए।
कस्तूरबा विद्यालय में टूटी टाइल्स देख भड़के, बोले- बच्चियों को मिले सुरक्षित माहौल
तत्पश्चात जिलाधिकारी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने छात्राओं से सीधे बातचीत कर पढ़ाई, भोजन, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। छात्राओं से सवाल पूछकर उन्होंने पठन-पाठन की गुणवत्ता भी परखी। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालयों में छात्राओं की उपस्थिति बेहतर बनाई जाए और नियमित रूप से अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित की जाए, ताकि अभिभावकों को शिक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय के शौचालयों में टूटी और क्षतिग्रस्त टाइल्स देखकर जिलाधिकारी नाराज हो गए। उन्होंने तत्काल मरम्मत का प्रस्ताव तैयार कर कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि छात्राओं को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।










































