रुद्रपुर, देवरिया। करीब पांच वर्ष पुराने चर्चित राहुल हत्याकांड में सत्र न्यायालय ने आरोपी वकील प्रसाद को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे दो वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं, आयुध अधिनियम के मामले में दो वर्ष के साधारण कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की भी सजा सुनाई गई है।
एडीजीसी हरेंद्र प्रसाद निषाद के अनुसार, 14 जुलाई 2021 की सुबह करीब छह बजे राहुल हरिजन गांव के पास सैयद बाबा की मजार के समीप बाग में शौच के लिए गया था। पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही वकील प्रसाद ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गला रेतने समेत शरीर पर कई वार किए जाने से राहुल की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोपी को खून से सना चाकू लेकर भागते देखा था। मृतक के पिता शत्रुघ्न हरिजन की तहरीर पर रुद्रपुर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था।
पुलिस विवेचना के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, प्रत्यक्ष दर्शियों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया। हालांकि अदालत ने मामले को "विरल से विरलतम" की श्रेणी में नहीं माना और विचाराधीन अवधि में जेल में बिताए गए समय को सजा में समायोजित करने का भी निर्देश दिया।






























