सोमवार, 18 मार्च 2024

मोदी व योगी का नारा सबका साथ सबका विकास के तर्ज पर चौथी बार जीत कर हैट्रिक लगा सकते हैं सांसद कमलेश पासवान

मोदी व योगी का नारा सबका साथ सबका विकास के तर्ज पर चौथी बार जीत कर हैट्रिक लगा सकते हैं सांसद कमलेश पासवान

मनोज रूंगटा

बांसगांव लोकसभा से पुनः भाजपा प्रत्याशी सांसद कमलेश पासवान हुये है घोषित

 कांग्रेस सपा के गठबंधन ने अभी तक नही घोषित किया अपना प्रत्याशी

रुद्रपुर देवरिया बांसगांव लोकसभा सीट गोरखपुर मंडल के अंतर्गत यह दूसरी लोकसभा सीट है जो सुरक्षित सीटों में एक है जिस पर एक समय प्रदेश के बड़ी  दलित नेताओं में केंद्रीय मंत्री रहे महावीर प्रसाद इस सीट से चार बार जीत हासिल की जो 1962 से अब तक हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 6 बार सीट जीत चुकी है जहां बीजेपी में 1991 में यहां से जीत का अपना खाता खोला और पहली बार भाजपा की राजनारायण पासी सांसद हुए वर्तमान  के सांसद कमलेश पासवान की माता स्वर्गीय सुभावती देवी ने 1996 में सपा के टिकट पर चुनकर संसद पहुंची थी उसके बाद भाजपा ने एक बार फिर सुभावती देवी के पुत्र कमलेश पासवान पर दाव आजमाया है

 कमलेश पासवान भाजपा से 2009 से चुनकर अब तक तीन बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया जो लाखों मतो से जीतकर अपना रिकॉर्ड दर्ज कराया कांग्रेस सपा से गठबंधन के बाद भी अब तक अपने प्रत्याशी का पत्ता नहीं खोला

 बांसगांव 67 लोकसभा में कुल 18. 06.641 मतदाता है जिसमें 9.60 .879 पुरुष वह 8.45.674 है महिला मतदाता 

बताते चले की आजादी के बाद हुए दो चुनाव में गोरखपुर दक्षिणी सीट के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी ही सांसद बने तीसरे आम चुनाव में इस लोकसभा क्षेत्र के अस्तित्व में आते ही कांग्रेस ने फिर जीत दर्ज की और महादेव प्रसाद सांसद बने उसके बाद चौथा चुनाव में गैर कांग्रेसी संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के मोलहु प्रसाद सांसद बने 

बताते चले की सृजन के बाद यहां से ही बांसगांव सीट सुरक्षित है पांचवी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के रामसूरत सांसद बने सीट गठन के बाद यह दूसरे प्रत्याशी थे जिन्होंने जीत दर्ज की छठवीं लोकसभा में कांग्रेस का पहिया थम गया और भारतीय लोकदल के फिरंगी प्रसाद ने जीत दर्ज की 

सातवीं लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस ने फिर अपना खाता खोला जहा महावीर प्रसाद पहली बार जीत कर सांसद बने इसके बाद  आठवीं व नौवीं लोकसभा चुनाव में वह लगातार निर्वाचित हुए 

वर्ष 1991 में राम लहर के बीच आम चुनाव हुए भाजपा ने अपना खाता खोला और राज नारायण पासी सांसद बने इसके बाद इन्होंने 12वीं और 13वीं लोकसभा के चुनाव में लगातार जीत दर्ज की इसके पूर्व 11वीं लोकसभा के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने अपना खाता खोला और कमलेश पासवान की माता सुभावती पासवान सांसद बनी 

14वीं लोकसभा में बांसगांव लौटे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महावीर प्रसाद ने जीत कर यहां से फिर  वापसी की और संसद पहुंचे इसके बाद पूर्व केंद्रीय व राज्यपाल का दायित्व निर्वाह कर चुके थे अगले लोकसभा के चुनाव में भाजपा ने कमलेश पासवान को प्रत्याशी बनाया और विपरीत परिस्थितियों में भी वह सांसद चुने गए कमलेश पासवान 2009 से लेकर अव तक तीन बार सांसद बने जहां चौथी बार भाजपा ने अपना दाव अजमाते हुये पुनः प्रत्याशी बनाया है लेकिन अभी तक कांग्रेस और सपा के गठबंधन के बाद भी गठबंधन ने अपना प्रत्याशी का नाम उजागर नहीं किया

 बांसगांव लोकसभा मे बसपा से लड़े प्रत्याशी सदल प्रसाद गठबंधन का प्रत्याशी बनकर कमलेश पासवान को दे सकते हैं टक्कर

बांसगांव 67 लोकसभा चुनाव में पूर्व मंत्री सदल प्रसाद वसपा से चुनाव लड़े थे जहां कमलेश पासवान सदल प्रसाद को हराकर  जीत हासिल की थी इस बार सदल प्रसाद कांग्रेस सपा के गठबंधन में सपा से चुनाव लड़ने की उम्मीद जताई जा रही है

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