सोमवार, 2 दिसंबर 2024

धार्मिक स्थलों पर बाल विवाह रोकने के लिए सजग रहने के साथ आगे आये धर्मगुरु . डीएम

जिलाधिकारी ने बाल विवाह रोकने के लिए की अपील कहा- बिना आयु प्रमाणपत्र के विवाह न कराये 

मनोज रूंगटा

रूद्रपुर देवरिया बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल ने धार्मिक स्थलों पर बाल विवाह को रोकने के लिए सभी धर्मगुरुओं और धार्मिक स्थल संचालकों से सजग रहने का अनुरोध किया है। 

और कहा कि बिना आयु प्रमाण पत्र देखे धार्मिक स्थल पर विवाह न कराये। धर्मगुरुओं की सजगता से बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह में किसी भी प्रकार की भागीदारी एक गंभीर अपराध है। बाल विवाह केवल एक कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गहरा प्रभाव डालता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि कुछ प्रकरणों में जागरूकता की कमी के कारण बाल विवाह संपन्न हो जाते हैं। ऐसे मामलों को रोका जा सकता है, बशर्ते समुदाय सजग हो। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे बाल विवाह से संबंधित किसी भी जानकारी को प्रशासन तक अवश्य पहुंचाएं





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