शनिवार, 16 मई 2026

जिलाधिकारी के अध्यक्षता में हुआ समाधान दिवस का आयोजन कुल 61 प्रार्थना पत्र पड़े जिसमें 12 का हुआ निस्तारण

 डीएम का सख्त संदेश: "समय से पहुंचे अधिकारी, फरियादियों को समय पर मिले न्याय"

रुद्रपुर। तहसील सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। समाधान दिवस में कुल 61 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व विभाग के 27, पुलिस के 8, विकास के 6, खाद्य एवं रसद विभाग के 4 तथा अन्य विभागों के 10 मामले शामिल रहे। इनमें से राजस्व विभाग के 12 मामलों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया।

समाधान दिवस के दौरान विभिन्न शिकायतकर्ताओं ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। चिलवन मोहन निवासी अशर्फी देवी पत्नी श्याम बिहारी ने न्यायालय द्वारा स्टे आदेश के बावजूद विपक्षी पर निर्माण कार्य कराने का आरोप लगाया। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।

खोदमा निवासी चंद्रभूषण तिवारी ने आय प्रमाण पत्र संबंधी समस्या रखी। वहीं ग्राम सरया निवासी बबीता देवी पुत्री पारस ने पैतृक भूमि पर पट्टीदारों द्वारा हिस्सा हड़पने का आरोप लगाया। छपौली निवासी हरिलाल पुत्र रामअधार ने आबादी की जमीन पर पट्टा मिलने के बावजूद अवैध कब्जे की शिकायत की, जबकि नगवा निवासी फूलमती देवी ने आबादी की भूमि पर अवैध अतिक्रमण का आरोप लगाया।

डीएम के समाधान दिवस में फरियादियो की लगी लंबी लाइन

जिलाधिकारी मकसूदन हुल्गी के अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में फरियादियों की लंबी लाइन लग गई इस दौरान छपौली के एक शिकायतकर्ता ने सरकारी विद्यालय परिसर में अवैध झोपड़ी डालकर निवास करने की शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम को तत्काल झोपड़ी हटाने तथा मौके का फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एसडीएम कोर्ट के आदेश के बावजूद बंटवारे की जमीन पर आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

समाधान दिवस में दरोगा भी दिखे अपने फरियाद करते हुए

समाधान दिवस में उस समय लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ जब गौरी बाजार थाना क्षेत्र केभटौली बुजुर्ग निवासी एक दरोगा भी अपनी फरियाद लेकर पहुंचे।

रुद्रपुर में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी का यह पहला समाधान दिवस था। खास बात यह रही कि वह निर्धारित समय सुबह 10 बजे ही तहसील पहुंच गए, जिससे अधिकारियों में हलचल मच गई। इससे पूर्व समाधान दिवस में अधिकारियों के पहुंचने का समय अक्सर दोपहर तक हो जाता था। नए जिलाधिकारी की समयबद्धता ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक ने भी अपने अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर एसडीएम अवधेश निगम, तहसीलदार चंद्रशेखर वर्मा, क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र राय, जिला पूर्ति अधिकारी संजय पांडेय, अधिशासी अधिकारी नितेश गौरव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं राजस्व कर्मी उपस्थित रहे।

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