अधिकारियो का प्रशिक्षण शुरू
रुद्रपुर देवरिया प्रदेश में जमीन की पैमाइश की प्रक्रिया को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पारंपरिक कड़ी (चेन) से होने वाली माप के स्थान पर अब रोवर मिशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नई तकनीक के तहत जीपीएस आधारित रोवर मशीनों से जमीन की सटीक माप संभव होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि माप में होने वाली त्रुटियों और विवादों में भी कमी आएगी। अब तक कड़ी से माप में अक्सर सटीकता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं, जिन्हें यह तकनीक काफी हद तक समाप्त करेगी।
प्रथम चरण प्रशिक्षण कार्यक्रम मे उप जिलाधिकारी (SDM) को भी ट्रिंबल जीएनएसएस (GNSS) रोवर रिसीवर DA2 के संचालन की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। इसमें अधिकारियों को मशीन की सेटिंग, सटीक लोकेशन फिक्स करना, डेटा कलेक्शन, डिजिटल मैपिंग और रिपोर्ट तैयार करने की पूरी प्रक्रिया सिखाई जा रही है। इसके वाद तहसीलदार नायव तहसीलदार लेखपाल, कानूनगो और अन्य राजस्व कर्मियों को दी जायेगी
प्रशिक्षण में यह भी बताया जा रहा है कि किस प्रकार इस तकनीक से तैयार डेटा को ऑनलाइन रिकॉर्ड में सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में सटीक जानकारी उपलब्ध हो सके।
अधिकारियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से जमीन से जुड़े विवादों का निस्तारण तेजी से होगा और आम लोगों को भी पारदर्शी एवं भरोसेमंद सेवा मिल सकेगी। सरकार की योजना है कि आने वाले समय में पूरे प्रदेश में इस तकनीक को लागू किया जाए, जिससे राजस्व कार्यों में आधुनिकता और दक्षता लाई जा सके।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें