महायज्ञ में गूंजे संस्कार और राष्ट्र निर्माण के संदेश
रुद्रपुर देवरिया अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में अखंड ज्योति शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रुद्रपुर विकासखंड के महुआ पोखर स्थित शिव-दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित पावन प्रज्ञा पुराण कथा एवं नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ का श्रद्धा और भक्ति के साथ समापन हो गया। समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महायज्ञ में आहुति देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति तथा विश्व कल्याण की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान गायत्री परिवार के वक्ताओं ने शिक्षा, विद्या और संस्कारों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को जीविका अर्जित करने योग्य बनाती है, जबकि विद्या उसे विनम्रता, सदाचार और समाज के प्रति अपने दायित्वों का बोध कराती है। जीवन में सफलता तभी सार्थक मानी जाती है, जब उसमें विनय, नैतिकता और मानवीय मूल्यों का समावेश हो।
वक्ताओं ने कहा कि केवल व्यक्तिगत स्वार्थ तक सीमित रहने से समाज में गलत संदेश जाता है। राष्ट्र के सर्वांगीण विकास और सशक्त निर्माण के लिए त्याग, सेवा, सहयोग और सद्भाव की भावना आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित लोगों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए समाज के उत्थान में योगदान देने का आह्वान किया।
महायज्ञ एवं कथा के दौरान पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण के साथ यज्ञ में सहभागिता कर धर्म, संस्कृति और मानवीय मूल्यों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
