रुद्रपुर/देवरिया। मोहर्रम की नौवीं तारीख पर नगर के इमामबाड़ा चौराहा स्थित ताजिया चौक पर अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। परंपरा के अनुसार ताजियों को चौक पर स्थापित किया गया, जहां लोगों ने फातिहा पढ़कर मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी।
इस अवसर पर रोजेदारों ने रोजा रखा तथा कुरआन शरीफ की तिलावत कर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। वक्ताओं ने कहा कि इमाम हुसैन की शहादत पूरी इंसानियत को सत्य, न्याय, सब्र, त्याग और मानवता का संदेश देती है। उनका जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और शांति की स्थापना की प्रेरणा देता है।
मोहर्रम के अंतिम चरण में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मिलकर फातिहा में हिस्सा लिया तथा क्षेत्र में सुख-शांति, भाईचारे और अमन-चैन की कामना की। महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों ने अपनी-अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दुआएं मांगीं। इमामबाड़ा चौराहा पर विभिन्न स्थानों से आए ताजियों का पारंपरिक मिलन भी हुआ, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन के दौरान आपसी सौहार्द, सामाजिक समरसता और गंगा-जमुनी तहजीब की सुंदर मिसाल देखने को मिली। लोगों ने एक-दूसरे को मोहर्रम की अहमियत बताते हुए शांति और भाईचारे का संदेश दिया।
इस दौरान क्यामुद्दीन, सुरेश पटेल, सुधीर शर्मा, रमजान राईन, मुन्ना राईन, सभासद सज्जाद अली राईन, इस्लाम अली, इरफान आलम, मेराज आलम, नासरुद्दीन, अब्बास राईन, आरिफ, अब्दुल लतीफ सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं अकीदतमंद उपस्थित रहे।

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