रुद्रपुर। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर क्षेत्र के प्राचीन दूग्धेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। व्रतधारी महिलाओं ने भगवान विष्णु एवं भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्यता और मंगलमय जीवन की कामना की।
महिलाओं ने किया पूजन-अर्चन, ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा
मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ब्राह्मणों द्वारा श्रद्धालुओं को संकल्प दिलाया गया। इसके बाद भक्तों ने अपनी श्रद्धा अनुसार दान-पुण्य कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कई श्रद्धालुओं ने निर्जला व्रत रखकर धर्म-कर्म एवं सेवा कार्यों में सहभागिता निभाई। मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण के बीच भजन-कीर्तन और पूजा-पाठ का क्रम दिनभर चलता रहा।
श्रद्धालुओं का मानना है कि निर्जला एकादशी का व्रत सभी एकादशियों के समान फलदायी माना जाता है। इस दिन उपवास, पूजा और दान करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
मंदिर पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। भीड़ को देखते हुए स्वयंसेवकों ने दर्शन-पूजन की व्यवस्था संभाली, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
पूरे दिन दूग्धेश्वर नाथ मंदिर "हर-हर महादेव" और "जय श्री हरि" के जयघोषों से गूंजता रहा तथा क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा।


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