रुद्रपुर, देवरिया। तहसील परिसर में सपरिवार धरने पर बैठे कृतपुरा निवासी तहसीलदार निषाद के मामले में प्रशासन सक्रिय हो गया। धरना समाप्त होने के अगले ही दिन मंगलवार को राजस्व विभाग की टीम पीड़ित के गांव पहुंची और दोनों पक्षों की बात सुनकर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को तहसीलदार निषाद अपने परिवार के साथ तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए थे। उनका आरोप था कि ग्राम कुकरिया स्थित उनके पिता द्वारा खरीदी गई भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने तहसील से लेकर जिलाधिकारी तक कई बार प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने से परेशान होकर उन्होंने धरने का रास्ता अपनाया था।
धरने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को नायब तहसीलदार शरद सिंह, कानूनगो राजकुमार तथा लेखपाल भोला यादव को मौके पर भेजा। राजस्व टीम ने ग्राम कुकरिया पहुंचकर दोनों पक्षों की बात सुनी और न्यायालय में विचाराधीन मुकदमे को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निरीक्षण तक किसी भी पक्ष को भूमि पर हस्तक्षेप न करने की हिदायत दी। इस पर दोनों पक्ष सहमत हो गए।
नायब तहसीलदार शरद सिंह ने बताया कि राजस्व टीम ने मौके का निरीक्षण कर दोनों पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की परीक्षा ड्यूटी में व्यस्तता के कारण दोनों पक्षों को दो दिन बाद पुनः बुलाया गया है, जिसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस पहल से फिलहाल विवादित भूमि पर तनाव कम हुआ है और दोनों पक्षों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत समाधान का भरोसा दिलाया गया है।

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