महामंत्री विनोद कुमार पाठक ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि स्टांप एवं पंजीयन विभाग द्वारा 4 जून 2026 को जारी पत्र के माध्यम से ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को अधिकृत संस्थाओं के जरिए संचालित करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत आम लोगों की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त से संबंधित दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन और पंजीकरण अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से कराने का प्रावधान किया जा रहा है।
बार एसोसिएशन का कहना है कि इस व्यवस्था से अधिवक्ताओं की भूमिका प्रभावित होगी तथा पंजीकरण प्रक्रिया में उनकी सहभागिता कम हो जाएगी। ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान व्यवस्था में अधिवक्ता दस्तावेजों की वैधानिक जांच-पड़ताल कर आमजन को आवश्यक कानूनी परामर्श प्रदान करते हैं, जिससे विवादों की संभावना कम रहती है।
संघ ने मांग की है कि अधिवक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए तथा वर्तमान प्रणाली को यथावत रखा जाए। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
बार एसोसिएशन संघ रुद्रपुर ने शासन से अधिवक्ताओं एवं आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए ई-रजिस्ट्री से संबंधित प्रस्तावित व्यवस्था को वापस लेने की मांग की है।

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