रुद्रपुर देवरिया बाढ़ से बचाव के लिए कराई जा रही नालों की सिल्ट सफाई में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण उर्फ खोखा सिंह के प्रतिनिधि एवं समाजसेवी हरेंद्र सिंह त्यागी ने प्रशासन से टास्कफोर्स गठित कर भौतिक सत्यापनकराने की मांगकी है।
त्यागी ने आरोप लगाया कि बाढ़ खंड विभाग द्वारा जनपद के लगभग 10 नालों की खुदाई और सिल्ट सफाई का कार्य कराया गया है, लेकिन अधिकांश कार्य केवल कागजों तक ही सीमित दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर नाममात्र का कार्य कराकर पूरे प्रोजेक्ट का भुगतान करने की तैयारी चल रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है।
उन्होंने विशेष रूप से कुरला नाले की सफाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि वास्तविक रूप से कार्य हुआ होता तो नालों की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई देती। बरसात शुरू होने के बावजूद कई नालों में जल निकासी की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। ऐसे में बाढ़ और जलभराव का खतरा बना हुआ है, जिसका खामियाजा किसानों और ग्रामीणों को भुगतना पड़ सकता है।
हरेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए प्रशासन को अधिकारियों की एक टास्क फोर्स गठित करनी चाहिए, जो सभी नालों का भौतिक सत्यापन कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करे। उन्होंने मांग की कि जांच में यदि किसी संस्था, ठेकेदार या विभागीय अधिकारी की लापरवाही अथवा भ्रष्टाचार सामने आता है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और सरकारी धन की क्षति की भरपाई भी सुनिश्चित की जाए।
त्यागी ने कहा कि जनहित से जुड़े इस गंभीर मामले में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। यदि समय रहते नालों की वास्तविक स्थिति की जांच नहीं कराई गई तो बरसात के दौरान जलभराव और बाढ़ की समस्या विकराल रूप ले सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो जनप्रतिनिधियों और आम जनता के साथ व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
नालों की सफाई को लेकर उठे इन आरोपों के बाद बाढ़ खंड विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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