शौचालय वंद से अधिवक्ताओं व आमजन को हो रही भारी परेशान
रुद्रपुर, देवरिया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पंचायत द्वारा तहसील परिसर से सटे बाउंड्री के पास निर्मित सामुदायिक शौचालय वर्षों से बंद पड़ा है। शौचालय के उपयोग में न होने से तहसील आने वाले फरियादियों, अधिवक्ताओं तथा आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
वन्द शौचालय पर सफाई कर्मी व केयरटेकर की भी है नियुक्ति
अधिवक्ता गोपी चंद यादव व कृष्ण मूर्ति त्रिपाठी ने बताया कि नगर पंचायत ने वर्षों पूर्व लाखों रुपये की लागत से इस सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया था, लेकिन आज तक इसका नियमित संचालन नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि शौचालय के रखरखाव (मेंटेनेंस) के नाम पर प्रतिवर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके लिए केयरटेकर और सफाई कर्मियों की भी नियुक्ति की गई है तथा शौचालय का संचालन सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित है, लेकिन वास्तविकता यह है कि आज तक इसका ताला नहीं खुला।
उन्होंने कहा कि तहसील परिसर में शौचालय की समुचित व्यवस्था न होने के कारण मुकदमों की पैरवी के लिए आने वाले महिला एवं पुरुषों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विशेषकर दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।
इस संबंध में पूछे जाने पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अवधेश निगम ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) से जानकारी प्राप्त कर मामले की जांच कराई जाएगी तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
तहसील परिसर जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर निर्मित सामुदायिक शौचालय का वर्षों से बंद रहना स्वच्छता व्यवस्था और जनसुविधाओं पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए कितनी शीघ्रता से कदम उठाता है।


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