रुद्रपुर, देवरिया। रामजानकी मार्ग स्थित उग्रसेन सिंह सेतु पर अचानक बड़ा होल मिलने के बाद पुल को एहतियातन बंद किए जाने का असर अब आसपास के वैकल्पिक मार्गों पर साफ दिखाई देने लगा है। सबसे अधिक दबाव रुद्रपुर-करहकोल वाया कौड़ीराम मार्ग पर बढ़ गया है, जहां भारी और लोडेड वाहनों की आवाजाही कई गुना बढ़ गई है।
राम जानकी मार्ग स्थित उग्रसेन सिंह सेतु हुआ बंद
गोरखपुर, देवरिया और बिहार को जोड़ने वाले प्रमुख संपर्क मार्ग के बंद होने के बाद ट्रक, ट्रेलर और अन्य मालवाहक वाहन अब रुद्रपुर-करहकोल होते हुए कौड़ीराम के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। इससे इस मार्ग पर दिन-रात भारी वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग पहले ही कई स्थानों पर जर्जर है। लगातार भारी वाहनों के गुजरने से सड़क के और क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है। कई जगह सड़क किनारे कटान और गड्ढे होने से दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। वहीं छोटे वाहन चालकों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस और प्रशासन की ओर से वैकल्पिक मार्गों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति भी बन रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से रुद्रपुर-करहकोल मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने तथा यातायात नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।संबंधित विभाग का कहना है कि उसेन सिंह सेतु की तकनीकी जांच और मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद ही पुल पर यातायात बहाल किया जाएगा। तब तक सभी वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से ही गुजरने की सलाह दी गई है।


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