रुद्रपुर (देवरिया)। रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के रामलक्षन चौकी अंतर्गत भृगुसरी गांव के सुबास प्रधान टोला निवासी 46 वर्षीय लालदेव निषाद की मस्कट में अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। शनिवार सुबह मौत की खबर घर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों के अनुसार, लालदेव निषाद पुत्र लखन निषाद करीब एक वर्ष पूर्व रोजी-रोटी की तलाश में मस्कट गए थे और वहीं काम करते थे। शुक्रवार शाम भोजन करने के बाद वह सो गए। शनिवार भोर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। मस्कट में रह रहे रिश्तेदार उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।शनिवार सुबह करीब छह बजे परिजनों को लालदेव की मौत की सूचना मिली।
खबर मिलते ही घर में मातम छा गया। पत्नी सुमित्रा देवी रोते-रोते कई बार बेसुध हो जा रही थीं। आसपास की महिलाएं उन्हें संभालती रहीं। लालदेव अपने पीछे पत्नी सुमित्रा देवी और तीन बच्चों नीरज निषाद (21), मनीषा (24) और निशा (26) को छोड़ गए हैं। परिवार के कमाऊ सदस्य की अचानक मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिजनो ने सरकार से शव भारत लाने की लगाई गुहार
परिजनों ने लालदेव निषाद का शव मस्कट से भारत लाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण शव को वापस लाने में कठिनाई हो रही है। परिजनों ने सरकार से जल्द से जल्द शव भारत लाने की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि वह अंतिम बार अपने प्रियजन के दर्शन कर उनका अंतिम संस्कार कर सकें।

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