रुद्रपुर देवरिया सावन के प्रथम सोमवार पर छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध रुद्रपुर स्थित दुग्धेश्वरनाथ मंदिर में आधी रात से ही शिवभक्त कांवरियों और श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के गगनभेदी जयघोष से पूरा मंदिर परिसर शिवमय हो गया। श्रद्धालुओं ने लंबी कतारों में लगकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
मन्दिर का कपाट खुलते ही हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठी छोटी काशी
मंदिर का कपाट रात्रि दो बजे पुजारी शंभूनाथ पांडे एवं महंत विजय शंकर उर्फ पप्पू ने विधि-विधान से आरती के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए खोल दिया। इसके बाद लगातार श्रद्धालुओं का मंदिर में पहुंचना शुरू हो गया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। एसडीएम राजकुमार गुप्ता, क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र राय, नायब तहसीलदार अनिल तिवारी, थाना प्रभारी कल्याण सिंह सागर सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरी रात एवं दिनभर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित ढंग से दर्शन कराए गए, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने पाई।
नगर पंचायत की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगा खोया-पाया केंद्र
नगर पंचायत की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खोया-पाया केंद्र स्थापित किया गया, जहां मेले में बिछड़े लोगों का पंजीकरण और जानकारी दर्ज की जाती रही। स्वास्थ्य विभाग ने भी चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई थी, ताकि आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। दिनभर जलाभिषेक का सिलसिला चलता रहा। बड़ी संख्या में अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों ने भी मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन-पूजन किए और जनपद की सुख-समृद्धि की कामना की।
उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष सावन में कांवरिया श्रद्धालु बरहज के पावन सरयू तट से जल भरकर बाबा महेंद्रनाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद रुद्रपुर स्थित दुग्धेश्वरनाथ मंदिर पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं। सावन के प्रथम सोमवार पर उमड़ी आस्था ने एक बार फिर छोटी काशी की धार्मिक महिमा को जीवंत कर दिया।



कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें