रुद्रपुर, देवरिया। शासन-प्रशासन के सख्त निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को वेलुआर घाट स्थित दत्तात्रेय धाम आश्रम के पास खेतों में जलाई गई पराली की आग की लपटें आश्रम परिसर तक पहुंच गईं। इससे आश्रम में लगे कई फलदार पेड़ झुलस गए, हालांकि संयोगवश एक बड़ा हादसा टल गया।
आश्रम के संस्थापक स्वामी परमानंद गिरि ने बताया कि पास के खेत में किसानों द्वारा पराली में आग लगा दी गई थी। तेज हवा के कारण आग की लपटें फैलते हुए आश्रम तक पहुंच गईं। इससे आश्रम परिसर में लगे सेव, कपूर, रुद्राक्ष, केवड़ा, नाशपाती, चीकू, मौसमी, अंजीर, आलूबुखारा और संतरे के पेड़ गर्मी की तपिश से झुलस गए।
उन्होंने कहा कि बड़ी परिश्रम से आश्रम में फलों के पेड़ लगाकर आश्रम को सजाया गया था
खेतों में जली पराली के आग को बुझाते हुए फायर ब्रिगेड के कर्मचारी
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आश्रम को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। घटना की सूचना तत्काल एसडीएम रुद्रपुर को दी गई, जिसके बाद नायब तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
स्वामी परमानंद गिरि ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बीते दिन रुद्रपुर क्षेत्र में पराली की आग से एक युवक के जिंदा जलने की घटना के बाद भी किसान सबक नहीं ले रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।


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