बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट:मोड पर
रुद्रपुर देवरिया जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन स्थित गांधी सभागार में बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक सम्पन्न हुई।बैठक में बाढ़ पूर्व तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को समय रहते तैयारियां पूरी करने के सख्त निर्देश दिए गए।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि बाढ़ निरोधी कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बाढ़ निरोधी कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं डी एम
जिलाधिकारी ने तटबंधों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने, रेनकट और क्षतिग्रस्त स्थलों को चिन्हित कर प्राथमिकता से मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी बाढ़ निरोधी परियोजनाएं निर्धारित समय से पहले पूर्ण कर ली जाएं। साथ ही बोल्डर, जियोबैग समेत आवश्यक सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को कहा।
उन्होंने नाव, नाविक और गोताखोरों का चिन्हांकन कर उन्हें हर परिस्थिति के लिए तैयार रखने और उनके भुगतान में कोई देरी न होने के निर्देश भी दिए। उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के संवेदनशील स्थलों और तटबंधों का निरीक्षण करने के लिए कहा गया।
डीएम ने राहत शिविरों को पहले से चिन्हित कर उन्हें सक्रिय रखने तथा बाढ़ नियंत्रण कक्षों में कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने खराब हैंडपंपों को तत्काल ठीक कराने और उथले हैंडपंपों पर लाल निशान लगाने को कहा, ताकि दूषित जल से होने वाली बीमारियों से बचाव किया जा सके।
पशुओं के चारे के लिए भूसा और साइलेज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने नगर निकाय और पशुपालन विभाग को टेंडर प्रक्रिया में एकरूपता बनाए रखने को कहा। विद्युत विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ढीले और लटके तारों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं और बच्चों की सूची तैयार करने, आवश्यक दवाओं, एंटी स्नेक वेनम और मेडिकल टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लाइफ जैकेट और राहत सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ से पहले की गई तैयारियां ही आपदा के समय काम आती हैं, इसलिए सभी विभाग अभी से समन्वय के साथ कार्य करें।
पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने बाढ़ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और तटबंधों की निगरानी को लेकर पुलिस विभाग की तैयारियों की जानकारी दी।
अधिशासी अभियंता बाढ़ ने प्रोजेक्ट के माध्यम से दी तैयारी की जानकारी
अधिशासी अभियंता बाढ़ राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि जनपद में 12 नई बाढ़ निरोधी परियोजनाओं पर कार्य जारी है, जिन्हें 15 जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। जनपद में 40 तटबंध (कुल लंबाई 241.048 किमी), 56 ड्रेन (734.78 किमी) और 27 रेगुलेटर मौजूद हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



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