दो प्रकरणों की जांच में सामने आई जमीनी सच्चाई
कहा आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की
रुद्रपुर देवरिया जिले में आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर असंतुष्ट फीडबैक वाले प्रकरणों का स्थलीय सत्यापन कराया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को उपजिलाधिकारी बरहज हरिशंकर लाल ने दो शिकायतों की मौके पर पहुंचकर जांच की और वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मई माह में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों को गंभीरता से लेते हुए सभी तहसीलों को 25-25 प्रकरण आवंटित किए हैं। उन्होंने निर्देश दिया है कि संबंधित उपजिलाधिकारी और तहसीलदार स्वयं मौके पर पहुंचकर शिकायतों की वास्तविक स्थिति की जांच करें तथा शिकायतों का निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
एसडीएम वरहज ने मौके पर पहुंचकर परखी हकीकत"
जिलाधिकारी ने बरहज तहसील में उपजिलाधिकारी हरिशंकर लाल को 16 तथा तहसीलदार को नौ प्रकरणों सहित कुल 25 मामलों के सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी कड़ी में वरहज एसडीएम हरिशंकर लाल ने बुधवार जरार मानिक निवासी जरीना खातून तथा ठाकुर देवरिया निवासी प्रतिभा देवी के मामलों की स्थलीय जांच की।
जांच के दौरान जरीना खातून की शिकायत में पाया गया कि वह अपने पट्टे की भूमि पर निर्माण कार्य करा रही हैं। मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने पर शिकायत से संबंधित तथ्य सही पाए गए।
वहीं प्रतिभा देवी के प्रकरण में जांच के दौरान सामने आया कि उन्होंने भूमिधरी भूमि खरीदी है और अलग रास्ते की मांग की है। जिस स्थान से रास्ता निकालने की मांग की जा रही है, वह आबादी एवं बंजर भूमि है, जहां कई परिवार वर्षों से निवास कर रहे हैं। ऐसे में वहां निवासरत लोगों को प्रभावित कर रास्ता निकालना वर्तमान परिस्थितियों में न तो व्यावहारिक है और न ही संभव।
डीएम मधुसूदन हुल्गी ने कहा कि आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच के आधार पर किया जाए, ताकि आमजन को न्याय मिल सके और शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी व्यवस्था कायम रहे।संभावित हेडिंग:


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