मनोज रुंगटा
रुद्रपुर दुग्धेश्वर नाथ मंदिर पर करेंगे रात्री विश्राम
रुद्रपुर देवरिया। इक्कासी (81) दिवसीय गविष्ठि गो-रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा के क्रम में पूज्यपाद परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘1008’ महाराज जी का जनपद देवरिया में 5 मई को आगमन होगा। जहां रुद्रपुर दुर्गेश्वर नाथ मंदिर स्थित गेस्ट हाउस पर विश्राम करेंगे
छोटी काशी के रूप में विख्यात बाबा श्री दूधेश्वर नाथ महादेव की पावन धरती पर उनके आगमन को लेकर भक्तों में खासा उत्साह है।
यह यात्रा देशव्यापी स्तर पर गौ-रक्षा, सनातन धर्म जागरण एवं धार्मिक एकता के उद्देश्य से निकाली जा रही है। 81 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के माध्यम से शंकराचार्य जी विभिन्न राज्यों और जनपदों में पहुंचकर धर्म, संस्कृति और गोसंवर्धन के महत्व का संदेश दे रहे हैं। यात्रा के दौरान जगह-जगह धर्म सभाएं, प्रवचन, यज्ञ-हवन और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
आचार्य आदित्य पांडेय ने बताया कि शंकराचार्य जी का काफिला पथरदेवा, देवरिया सदर और रामपुर कारखाना होते हुए रुद्रपुर पहुंचेगा, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे। इस दौरान मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा उनका स्वागत, पुष्पवर्षा और आरती की जाएगी।
रुद्रपुर प्रवास के दौरान आदि गुरु शंकराचार्य की पावन खड़ाऊ चरण पादुका का विधि-विधान से पूजन होगा, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु भाग लेंगे। यह पूजन सनातन परंपरा में गुरु चरणों के प्रति आस्था और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।
इसके पश्चात 6 मई को शंकराचार्य जी बरहज के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां भी धर्मसभा एवं जनसंवाद कार्यक्रम प्रस्तावित है।आयोजकों ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक यात्रा में सहभागी बनकर धर्म लाभ अर्जित करें तथा गो-रक्षा और सनातन संस्कृति के संरक्षण के इस अभियान को सफल बनाएं।

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