अफसरों को दी चेतावनी—गुणवत्ता से समझौता हुआ तो होगी कार्रवाई
रुद्रपुर देवरिया। बरसात से पहले घाघरा नदी के कटान से तटीय इलाकों को सुरक्षित करने की कवायद तेज हो गई है। शनिवार को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जिले में चल रही तीन महत्वपूर्ण कटानरोधी परियोजनाओं का औचक निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की हकीकत परखी। मौके पर पहुंचकर उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और तकनीकी मानकों की जांच की तथा अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
सबसे पहले डीएम ने सरयू (घाघरा) नदी के बाएं तट पर छित्तूपुर-भागलपुर तटबंध के किमी 0.825 से 1.140 के मध्य करीब 5.84 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे कटानरोधी कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नदी के बढ़ते जलस्तर से पहले सभी कार्य पूरे हो जाने चाहिए। गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके बाद डीएम भागलपुर कस्बे की सुरक्षा के लिए करीब 6.79 करोड़ रुपये की लागत से 330 मीटर लंबाई में चल रहे कटानरोधी कार्य स्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य में तेजी लाने और मानसून से पूर्व परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने घाघरा नदी के बाएं तट पर स्थित तुर्ती पार-चुरिया तटबंध की सुरक्षा के लिए करीब 7.53 करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे पीचिंग एवं कटानरोधी कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी हों और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।
डीएम ने कहा कि कटानरोधी योजनाएं हजारों लोगों की सुरक्षा से जुड़ी हैं। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मानकों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी कर कार्यों को समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता बाढ़ राधेश्याम प्रसाद, सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार, राहुल चौधरी, विवेक कुमार, जूनियर इंजीनियर सोनू कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।



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