शुक्रवार, 12 जून 2026

आईजीआरएस प्रकरण का डीएम ने किया स्थलीय सत्यापन एक शिकायत सही, दूसरी निकली झूठ

डी एम ने मौके पर दिया सख्त तत्काल निर्माण कार्य रोकने का दिया निर्देश

रुद्रपुर (देवरिया)। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता परखने के लिए जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शुक्रवार को खुद मैदान में उतरकर रुद्रपुर तहसील क्षेत्र के तीन प्रकरणों का भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान एक मामले में शिकायत की पुष्टि हुई, जबकि दूसरे मामले में शिकायतकर्ता ही अतिक्रमण करता मिला। इस पर जिलाधिकारी ने उसे तत्काल निर्माण कार्य रोकने और अतिक्रमण न करने की चेतावनी दी।

ग्राम तिवईनिवासी इंद्रदेव नायक ने गाटा संख्या 329 की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराई थी। जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर निस्तारण आख्या का परीक्षण किया और वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। जांच के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

इसी गांव के गौरीशंकर नायक ने शिकायत की थी कि गाटा संख्या 616 में निर्माण कार्य के दौरान ग्राम प्रधान और अन्य लोग उन्हें रोक रहे हैं। लेकिन जब जिलाधिकारी ने स्थल पर जांच कराई तो तस्वीर कुछ और ही निकली। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता स्वयं खलिहान की भूमि गाटा संख्या 615 पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य करा रहा था। शिकायत असत्य पाए जाने पर जिलाधिकारी ने उसे कड़ी हिदायत देते हुए अतिक्रमण से दूर रहने को कहा।

वहीं ग्राम कोइलगढ़हा निवासी संध्या देवी के मामले की भी जिलाधिकारी ने मौके पर जांच की। यह विवाद पारिवारिक संपत्ति से जुड़ा पाया गया। जांच में पता चला कि राजस्व विभाग पहले ही दोनों पक्षों के बीच समझौते का प्रयास कर चुका है। आवासीय हिस्सेदारी के विवाद के समाधान के लिए जिलाधिकारी ने फरियादी को धारा-116 के तहत उपजिलाधिकारी न्यायालय में वाद दाखिल करने की सलाह दी।

सिर्फ कागजी रिपोर्ट नहीं, अब होगी मौके पर जांच

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी रुद्रपुर अवधेश निगम को स्पष्ट निर्देश दिए कि आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक तथ्यों की जांच के बाद किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में शिकायतकर्ता असंतुष्ट फीडबैक देता है, उनमें तहसीलदार और नायब तहसीलदार स्वयं मौके पर पहुंचकर सत्यापन करें। केवल लेखपाल या राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट पर निर्भरता स्वीकार नहीं की जाएगी।


डीएम ने कहा कि शिकायतों का रैंडम आधार पर भौतिक सत्यापन कराया जाए और हर प्रकरण का समयबद्ध, निष्पक्ष तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता का भरोसा शिकायत निवारण प्रणाली पर बना रहे।

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आईजीआरएस प्रकरण का डीएम ने किया स्थलीय सत्यापन एक शिकायत सही, दूसरी निकली झूठ

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