रुद्रपुर (देवरिया)। नगर पंचायत की ओर से नगर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से करीब 18 लाख रुपये की लागत से विभिन्न चौराहों एवं प्रमुख स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे इन दिनों शोपीस बनकर रह गए हैं। कैमरे बंद होने से छोटी-बड़ी घटनाएं रिकॉर्ड नहीं हो पा रही हैं, जिससे लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
नगर के लगभग 17 स्थानों पर 54 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, लेकिन वर्तमान में अधिकांश कैमरे खराब पड़े हैं। कई कैमरे खंभों से लटक रहे हैं तो कई के तार टूट चुके हैं। ऐसे में किसी भी घटना की निगरानी संभव नहीं हो पा रही है।
कुछ माह पूर्व एक अनियंत्रित ट्रक ने पीछा कर रहे तत्कालीन क्षेत्राधिकारी (सीओ) एवं एसडीएम के वाहन को टक्कर मार दी थी। खजुहा चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे से घटना का फुटेज भी नहीं मिल सका, क्योंकि कैमरा उस समय बंद था।
तहसील समाधान दिवस के दौरान पुलिस अधीक्षक एवं जिलाधिकारी की मौजूदगी में नगर के सीसीटीवी कैमरों को पुलिस के त्रिनेत्र सिस्टम से जोड़ने की मांग भी उठी थी, ताकि पुलिस को घटनाओं की तत्काल जानकारी मिल सके। हालांकि अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
नगरवासियों का कहना है कि सार्वजनिक धन से लगाए गए कैमरों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि चौराहों और प्रमुख मार्गों पर होने वाली घटनाओं की प्रभावी निगरानी हो सके।
अधिवक्ता कृष्णमूर्ति त्रिपाठी ने कहा कि लाखों रुपये की लागत से लगाए गए कैमरों की गुणवत्ता और रखरखाव की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, जिससे जिम्मेदारी तय हो सके।
*क्या बोले अधिशासी अधिकारी*
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी नीतीश गौरव ने बताया कि खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जहां-जहां तार टूटे हैं, उन्हें बदलवाया जा रहा है। जल्द ही सभी कैमरे सुचारु रूप से संचालित होने लगेंगे, जिससे नगर की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें