देवरिया दिलकश भी रहा, दिलदार भी रहा और मेरा दिल से इस्तकबाल भी किया गया।"
देवरिया। नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया द्वारा आयोजित विदाई समारोह में रुद्रपुर के उप जिलाधिकारी अवधेश कुमार निगम को भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर उन्होंने भावुक होकर कहा, "देवरिया दिलकश भी रहा, दिलदार भी रहा और मेरा दिल से इस्तकबाल भी किया गया।"
उन्होंने कहा कि नागरी प्रचारिणी सभा ने उन्हें लिखना, पढ़ना और जीना सिखाया। यहीं आकर उन्हें साहित्य का वास्तविक अर्थ समझ में आया और यह भी जाना कि एक साहित्यकार कैसा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देवरिया और यहां के लोगों से मिला स्नेह और सम्मान वह जीवनभर नहीं भूल पाएंगे।
वरिष्ठ साहित्यकार अचल पुलस्तेय ने कहा कि साहित्यकार का कभी स्थानांतरण नहीं होता, वह अपनी रचनाओं के माध्यम से सदैव लोगों के बीच जीवित रहता है। उन्होंने कहा कि अवधेश निगम ने साहित्य के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण किया।
सभा के सदस्य रजनीश मोहन गोरे ने कहा कि निगम जी में कभी अफसरी का अहंकार नहीं दिखा। वे हमेशा एक कवि की तरह सहज, सरल और सभी के लिए सुलभ रहे।
इस दौरान वरुण पाण्डेय, प्रार्थना राय, पार्वती देवी गौरा, सौदागर सिंह, कीर्ति त्रिपाठी, क्षमा श्रीवास्तव, योगेन्द्र तिवारी 'योगी', कौशल किशोर मणि, महेंद्र प्रसाद गोंड और लालता प्रसाद चौधरी सहित अनेक साहित्यकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से अवधेश निगम को भावभीनी विदाई दी।
समारोह में सुबास राय (पूर्व सभासद), उद्भव मिश्र, श्वेतांक मणि त्रिपाठी, राजेश मिश्र सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रवीन्द्र नाथ तिवारी ने की, जबकि संचालन गीतकार सरोज कुमार पाण्डेय ने किया।

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