गर्भवती महिला की मौत के बाद विशुनपुर बगही पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम, किया डेथ ऑडिट
रुद्रपुर (देवरिया)। उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) के मामलों में जच्चा-बच्चा की सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को गर्भवती महिला की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम विशुनपुर बगही गांव पहुंची और डेथ ऑडिट कर घटना से जुड़े कारणों की जानकारी जुटाई।
सीएचसी अधीक्षक डा. बीवी सिंह ने कहा कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय से पहचान करना बेहद जरूरी है। ऐसी गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और फॉलोअप में आशा कार्यकर्ता व एएनएम की महत्वपूर्ण भूमिका है। आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिला के संपर्क में रहें और प्रत्येक वीएचएनडी सत्र पर उसे लाकर एएनएम के माध्यम से आवश्यक जांच कराएं।
उन्होंने कहा कि हाई रिस्क गर्भवती की शेष जांच सीएचसी पर कराना, जरूरत के अनुसार आयरन सुक्रोज उपलब्ध कराना तथा गंभीर स्थिति में समय से उच्च स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर कराना आशा कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। सुरक्षित प्रसव के उपरांत आशा कार्यकर्ता को 2050 रुपये प्रोत्साहन राशि भी देय है।
इस दौरान डा. राजेश सिंह, बीएचडब्ल्यू विकास कुमार, एआरओ जय प्रकाश यादव, बीसीपीएम वीरेंद्र सान्याल, एएनएम माया देवी और आशा मीना देवी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद थे
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