
रुद्रपुर देवरिया। बाढ़ से बचाव के नाम पर नालों की सिल्ट सफाई में करोड़ों रुपये के कथित हेरफेर और अनियमितताओं को लेकर उठे सवालों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण उर्फ खोखा सिंह के प्रतिनिधि एवं समाजसेवी हरेंद्र सिंह त्यागी द्वारा नालों की सफाई में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाए जाने के बाद गुरुवार को उसरा स्थित कुर्ना नाले की पोकलैंड मशीन से साफ-सफाई कराई गई।
खबर का हुआ असर:कुर्ना नाले पर पुनः पहुंची पोकलैंड मशीन
गौरतलब है कि हाल ही में हरेंद्र सिंह त्यागी ने बाढ़ खंड विभाग द्वारा जनपद के करीब 10 नालों में कराए गए खुदाई और सिल्ट सफाई कार्यों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
उन्होंने आरोप लगाया था कि अधिकांश कार्य केवल कागजों तक सीमित हैं और कई स्थानों पर नाममात्र का काम दिखाकर भुगतान की तैयारी की जा रही है। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए टास्क फोर्स गठित कर भौतिक सत्यापन कराने की मांग भी की थी।
त्यागी ने विशेष रूप से कुर्ना नाले का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि यदि वास्तविक रूप से सफाई हुई होती तो नाले की स्थिति साफ दिखाई देती। उन्होंने चेतावनी दी थी कि बरसात के मौसम में नालों की खराब स्थिति किसानों और ग्रामीणों के लिए बाढ़ व जलभराव की गंभीर समस्या पैदा कर सकती है।
इसी बीच गुरुवार को उसरा क्षेत्र में कुर्ना नाले पर पोकलैंड मशीनें पहुंचीं और सफाई कार्य शुरू कराया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत और खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग की सक्रियता बढ़ी है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि केवल एक-दो स्थानों पर सफाई कराने से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरे नाले और अन्य संबंधित परियोजनाओं का भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए।
हरेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि यदि कार्य वास्तव में मानकों के अनुरूप हुआ है तो जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी, लेकिन यदि कहीं भी अनियमितता मिली तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन केवल सफाई अभियान तक सीमित रहता है या फिर करोड़ों रुपये के कार्यों की निष्पक्ष जांच कराकर पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने लाता है। फिलहाल इतना तय है कि ‘नालों की सफाई में करोड़ों के खेल’ की खबर के बाद विभाग हरकत में नजर आ रहा है।

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