रुद्रपुर (देवरिया)। नगर के बीच स्थित दुग्धेश्वर नाथ इंटर कॉलेज एवं रामजी सहाय पीजी कॉलेज के बीच बना ऐतिहासिक खेल मैदान इन दिनों बरसात के पानी से लबालब भरा हुआ है। मैदान में घुटनों तक पानी जमा होने से यहां खेल गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं। कभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने वाला यह मैदान आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मैदान में जलभराव की सबसे बड़ी वजह पानी निकासी की व्यवस्था का समाप्त हो जाना है। आरोप है कि जहां पहले पानी निकलने का रास्ता था, वहां समय के साथ दुकानें बना दी गईं। निकासी बंद होने से हर बरसात में पूरा मैदान तालाब का रूप ले लेता है।
पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारी मनोज भाटिया, गगन बिहारी गुप्त (दीपू), विजय यादव, नंदलाल मद्धेशिया और मनीष भाटिया ने बताया कि इस मैदान से पीढ़ियों की भावनाएं जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि उनके बचपन से लेकर उनके पूर्वजों तक की खेल संबंधी यादें इसी मैदान से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने स्वर्गीय छेदीलाल भाटिया, स्व.कैलाश, स्व.वीरेंद्र सेन स्व.कमलाकांत गुप्त जैसे खेल प्रेमियों को याद करते हुए कहा कि एक समय इस मैदान पर फुटबॉल के बेहतरीन मुकाबले होते थे और अशोक पोद्दार व ब्रह्म सिंह कल्लन जी ओम प्रकाश जायसवाल जैसे खिलाड़ियों का नाम पूरे क्षेत्र में सम्मान के साथ लिया जाता था।
मनोज भाटिया ने कहा कि पहले सुबह-शाम सैकड़ों युवा इस मैदान में दौड़ और अन्य खेलों का अभ्यास करते थे, लेकिन आज जलभराव के कारण खिलाड़ियों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और कॉलेज प्रबंधन से मांग की कि मैदान का समतलीकरण और ऊंचीकरण कराया जाए तथा स्थायी जल निकासी की व्यवस्था बनाई जाए, ताकि यह मैदान फिर से खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने का केंद्र बन सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मैदान की सुध नहीं ली गई तो आने वाली पीढ़ियां इस ऐतिहासिक खेल मैदान को केवल कहानियों में ही जान पाएंगी। खेल प्रेमियों ने प्रशासन और प्रबंधन से शीघ्र कार्रवाई कर मैदान को उसके पुराने गौरव को लौटाने की अपील की है।

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