छठे दिन भी जारी रहा अधिवक्ताओं का आंदोलन
रुद्रपुर, देवरिया। तहसील रुद्रपुर में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के विरोध में अधिवक्ताओं का धरना शनिवार को छठे दिन भी जारी रहा। समाधान दिवस के अवसर पर धरनारत अधिवक्ताओं ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) रामशंकर को ज्ञापन सौंपते हुए पत्र में उल्लिखित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि समाधान दिवस में पहुंचे अपर जिलाधिकारी ने प्रारंभ में धरना स्थल पर जाकर अधिवक्ताओं से वार्ता करना उचित नहीं समझा, जिससे अधिवक्ताओं में नाराजगी बढ़ गई। इससे आक्रोशित अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन एवं जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
धरनारत अधिवक्ताओं के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए अपर जिलाधिकारी रामशंकर कुछ देर बाद पुनः धरना स्थल पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से वार्ता कर उनका ज्ञापन प्राप्त किया।इस दौरान अधिवक्ताओं ने तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार, अनियमितताओं तथा जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रशासन का रवैया बेहद निराशाजनक एवं हठधर्मितापूर्ण है। उनकी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के बजाय टाल-मटोल की नीति अपनाई जा रही है, जबकि उनकी सभी मांगें सीधे तौर पर जनहित से जुड़ी हुई हैं।
धरने में महामंत्री विनोद पाठक, सुधांशु मौलि ओझा, आनंद शंकर मणि, अनिल यादव, विकास त्रिपाठी, विश्व विजय मल्ल, सतपाल यादव,कृष्णमूर्ति त्रिपाठी शशिभूषण, गोपीनाथ यादव, बीना शर्मा, सतीश गुप्ता, अजीत त्रिपाठी, बलवंत सिंह, प्रवीण पांडेय, बालेन्दु पांडेय, सुरेश यादव, पीयूष निषाद, पंकज शुक्ला, शशिकांत सिंह, हिमांशु त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।


























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